साँप की राजनीति (‘मनुहार भाभी’ की छठवीं कहानी)
श्री बालकवि बैरागी केप्रथम कहानी संग्रह‘मनुहार भाभी’ की छठवीं कहानीसाँप की राजनीति जीतने को तो विनीत भाई चुनाव जीत गए, पर जीत के दिन से लेकर आज तक उनकी नींद हराम हो गई। न किसी से कुछ कहने के, न कोई...
View Articleअजन्मे शिशु की याचना
श्री बालकवि बैरागी के कविता संग्रह‘दो टूक’ की छत्तीसवीं कविता यह संग्रह दा’ साहब श्री माणक भाई अग्रवाल को समर्पित किया गया है।अजन्मे शिशु की याचना(परिवार नियोजन पर एक मुक्त-छन्द रचना।)ओ मेरे अनजाने...
View Articleलहद से मैयत मेरी
श्री बालकवि बैरागी के कविता संग्रह‘ओ अमलतास’ की तेरहवीं कविता यह संग्रह श्री दुष्यन्त कुमार कोसमर्पित किया गया है।लहद से मैयत मरीलहद से मैयत मेरी वापस निकालेंगे रकीबइस लहदबाजी में खुद को मार डालेंगे...
View Articleविकल्प (‘मनुहार भाभी’ की सातवीं कहानी)
श्री बालकवि बैरागी केप्रथम कहानी संग्रह‘मनुहार भाभी’ की सातवीं कहानी विकल्प यह एक राजा की कहानी है।राजा को यहाँ एकवचन भी माना जा सकता है और बहुवचन भी। आप, हम, ये, वे या...
View Articleलिलहारे गोद दे रे लाल तिकोना
श्री बालकवि बैरागी के कविता संग्रह‘दो टूक’ की सैंतीसवीं कविता यह संग्रह दा’ साहब श्री माणक भाई अग्रवाल को समर्पित किया गया है।लिलहारे गोद दे रे लाल तिकोना(परिवार नियोजन पर, लोक-धुन और लोक शैली पर...
View Articleमुरझा गये कमल
श्री बालकवि बैरागी के कविता संग्रह‘ओ अमलतास’ की चौदहवीं कविता यह संग्रह श्री दुष्यन्त कुमार कोसमर्पित किया गया है।मुरझा गये कमलपहिली किरन के साथ ही मुरझा गये कमलअल्लाह रे! फिर से फरेब खा गये कमलशबनम...
View Articleमुझे भीड़ से ऊर्जा मिलती है
राज शेखर व्यासएक बार, सन् अस्सी में, मैंनेे बालकवि बैरागीजी को दूरदर्शन के स्टूडियो में आमन्त्रित किया। साक्षात्कार मैं ही ले रहा था। बालकवि दादा कविता सुनाते, गाते-गाते असहज हो रहे थे। मेरे तो परिवार...
View Articleश्री बालकवि बैरागी के कविता संग्रह ‘कोई तो समझे’ के कवि का आत्म-कथ्य, प्रकाशक...
श्री बालकवि बैरागी के कविता संग्रह ‘कोई तो समझे’ के कवि का आत्म-कथ्य, प्रकाशक का प्राक्कथन समर्पणस्वर्गीयश्री संजय गाँधीकी अतृप्तअग्निवर्णीप्यास को-----मन-ही-मन(कवि का आत्म-कथ्य)छोटी-सी कहानी से बात...
View Articleहरिया बाबा (‘मनुहार भाभी’ की आठवीं कहानी)
श्री बालकवि बैरागी केप्रथम कहानी संग्रह‘मनुहार भाभी’ की आठवीं कहानी हरिया बाबा कमरु मास्टर जैसा नजर आता है वैसा है नहीं। नाम तो उसका कमरुद्दीन है, पर सब उसे कमरु मास्टर के...
View Articleकोई इन अंगारों से प्यार तो करे
श्री बालकवि बैरागी के कविता संग्रह‘कोई तो समझे’ की पहली कवितायह कविता संग्रह(स्व.) श्री संजय गाँधी को समर्पित किया गया है।कोई इन अंगारों से प्यार तो करेक्या कहा अँधेरा जीत गया?क्या कहा उजाला हार...
View Articleईश्वर से
श्री बालकवि बैरागी के कविता संग्रह‘दो टूक’ की अड़तीसवीं/अन्तिम कविता यह संग्रह दा’ साहब श्री माणक भाई अग्रवाल को समर्पित किया गया है।ईश्वर सेजमींदार......!ओ अविनाशी जमींदार....!ओ अगम, अगोचर...
View Articleबड़ा मजा है
श्री बालकवि बैरागी के कविता संग्रह‘ओ अमलतास’ की पन्द्रहवीं कविता यह संग्रह श्री दुष्यन्त कुमार कोसमर्पित किया गया है।बडा मजा हैइस तट से उस तट को देखो, बड़ा मजा हैनये-नये घूँघट को देखो, बड़ा मजा हैपीढ़ी की...
View Articleमनुहार भाभी (‘मनुहार भाभी’ की नौवीं कहानी)
श्री बालकवि बैरागी केप्रथम कहानी संग्रह‘मनुहार भाभी’ की नौवीं कहानीमनुहार भाभी मनुहार भाभी से कह दिया था, कि आप पर मैं एक अच्छी कहानी लिखूँगा भाभी। मेरी इस बात को जब-जब भाभी मिलतीं, तब-तब याद दिलातीं।...
View Articleआत्म निर्धारण
श्री बालकवि बैरागी के कविता संग्रह‘कोई तो समझे’ की दूसरी कवितायह कविता संग्रह(स्व.) श्री संजय गाँधी को समर्पित किया गया है।आत्म-निर्धारणरोशनी का काम जलना है,जलेगी।कालिमा का काम छलना है,छलेगी।काम आखिर...
View Articleइन्कलाब है
श्री बालकवि बैरागी के कविता संग्रह‘ओ अमलतास’ की सोलहवीं कविता यह संग्रह श्री दुष्यन्त कुमार कोसमर्पित किया गया है।इन्कलाब हैरोइये या गाइये ये इन्कलाब हैदेखते ही जाइये ये इन्कलाब हैबाखुशी उस बाँध को तोड़...
View Articleबुड्ढी पुलिया (‘मनुहार भाभी’ की दसवीं कहानी)
श्री बालकवि बैरागी केप्रथम कहानी संग्रह‘मनुहार भाभी’ की दसवीं कहानीबुड्ढी पुलिया पता नहीं वो कौन था, जिसने इस पुलिया का नाम ही रख दिया-बुड्ढी पुलिया। पुलिया का नाम रखा वहाँ तक तो ठीक है, लेकिन आज तक...
View Articleदो सूत्र
श्री बालकवि बैरागी के कविता संग्रह‘कोई तो समझे’ की तीसरी कविता यह कविता संग्रह(स्व.) श्री संजय गाँधी को समर्पित किया गया है।दो सूत्रपिता से अधिक पवित्रमाँ से अधिक दिव्यऔर पत्नी से अधिक खूबसूरतमुझे कोई...
View Articleचुप रहो
श्री बालकवि बैरागी के कविता संग्रह‘ओ अमलतास’ की सत्रहवीं कविता यह संग्रह श्री दुष्यन्त कुमार कोसमर्पित किया गया है। चुप रहोतकरीर ही तकरीर है, चुप रहोमामला गम्भीर है, चुप रहोहर गड़ा मुर्दा उखाड़ा...
View Articleआभारी (‘मनुहार भाभी’ की ग्यारहवीं कहानी)
श्री बालकवि बैरागी केप्रथम कहानी संग्रह‘मनुहार भाभी’ की ग्यारहवीं कहानीआभारी राजवंश बाबू के लिए सब कुछ नया-नया था। न कभी वे इस गली से गुजरे थे न इन गलियों के चरित्र का उनको कुछ अता-पता ही था।जन्मना तो...
View Articleचेतावनी चेतना को
श्री बालकवि बैरागी के कविता संग्रह‘कोई तो समझे’ की चौथी कविता यह कविता संग्रह(स्व.) श्री संजय गाँधी को समर्पित किया गया है।चेतावनी: चेतना कोकोई नहीं तोड़ता चुप्पीकोई नही करता हल्लाकहाँ गई सारी...
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